वित्त वर्ष 2024-25 और 2026-27 के बीच एयर पैसेंजर्स की संख्या सालाना नौ प्रतिशत की दर से बढक़र लगभग 48.5 करोड़ हो जाएगी। रेटिंग एजेंसी केयरएज ने एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चौड़े आकार वाले अधिक विमानों के एयरलाइंस फ्लीट में शामिल होने से इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में तेज वृद्धि होने की संभावना है, जबकि डोमेस्टिक पैसेंजर्स ट्रेफिक स्थिरता के साथ बढऩा जारी रह सकता है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र में पोस्ट कोविड वी-आकार का पुनरुद्धार देखा गया है। पैसेंजर ट्रेफिक वित्त वर्ष 2023-24 में प्री-कोविड स्तर से 1.10 गुना तक पहुंच गया है। डोमेस्टिक एयर ट्रेवल में वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान तेजी आई जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में अंतरराष्ट्रीय यातायात सुधरकर कोविड-पूर्व स्तर से 1.04 गुना अधिक हो गया। रेटिंग एजेंसी ने पहले अनुमान लगाया था कि वित्त वर्ष 2024-25 में एयर पैसेंजर ट्रेफिक लगभग 42.5 करोड़ तक पहुंच जाएगा। हालांकि, विमान आपूर्ति में देरी और प्रतिकूल मौसमी हालात के कारण यात्रियों की वृद्धि चार प्रतिशत कम होकर लगभग 41 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। केयरएज के डायरेक्टर ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 तक नौ प्रतिशत की एन्यूअल ग्रोथ से एयर ट्रेफिक वृद्धि का अनुमान मजबूत मांग, एयरपोर्ट एवं एयरलाइंस की अतिरिक्त क्षमता निर्माण से प्रेरित है। वित्त वर्ष 2026-27 तक पैसेंजर ट्रेफिक लगभग 48.5 करोड़ हो जाने का अनुमान है। केयरएज ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सहित घरेलू हवाई अड्डा संचालकों ने वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 की दिसंबर तिमाही तक पूंजीगत व्यय में लगभग 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2025-26 से लेकर 2029-30 के दौरान कुल पूंजीगत व्यय में 30,000 करोड़ रुपये की वृद्धि का भी अनुमान लगाया है।