भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के द्वारा विकसित किए गए आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन से ट्रांजैक्शन में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है और इस सिस्टम के जरिए हुए कुल लेनदेन में से 78 प्रतिशत अकेले वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए हैं। आधार फेस ऑथेंटिकेशन सॉल्यूशन को अक्टूबर, 2022 में शुरू किया गया था। इसके माध्यम से अब तक करीब 130.5 करोड़ लेनदेन हो चुके हैं, जिसमें से 102 करोड़ वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज किए गए हैं। आईटी मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसका बढ़ता उपयोग दिखाता है कि लोग इसे तेजी से अपना रहे हैं और आधार नंबर धारकों को इससे फायदा हो रहा है। अकेले जनवरी-मार्च अवधि में करीब 39.5 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए थे। इसमें से अकेले मार्च में 15.25 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए हैं, जो इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। मंत्रालय ने कहा कि यह उपलब्धि फिनटेक, फाइनेंस और दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में इस नए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम के प्रति बढ़ते विश्वास और स्वीकृति को दिखाती है। यह एआई-आधारित मोडैलिटी एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर काम करती है। यह किसी भी वीडियो रीप्ले अटैक और असामाजिक तत्वों द्वारा स्टैटिक फोटो ऑथेंटिकेशन प्रयासों के खिलाफ सुरक्षित है। मंत्रालय ने कहा कि यह ऑथेंटिकेशन मोडैलिटी उपयोगकर्ताओं को केवल फेस स्कैन के साथ अपनी पहचान सत्यापित करने में सक्षम बनाता है, जिससे यूजर्स को वेरिफिकेशन में आसानी होती है और साथ ही इसमें कड़े सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जाता है।