रिटेल और फास्ट मूविंग कन्ज्यूमर गुड्ज कम्पनियां वित्तीय वर्ष 2026 में 10-15 प्रतिशत की रिकॉर्ड ग्रोथ प्रदर्शित कर सकती हैं। रूरल मार्केट्स और अरबन मार्केट्स में क्विक कॉमर्स बूम के कारण यह ग्रोथ दर्ज की जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2021 के बाद रिटेल हायरिंग में सबसे अधिक ग्रोथ कही जायेगी। स्टॉफिंग एंड रिकू्रटमेंट सर्विसेज कम्पनी क्वेस कॉर्पोरेशन में वर्कफोर्स मैनेजमेंट पे्रसीडेंट ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026 में ईयर-ऑन ईयर लेवल पर पन्द्रह प्रतिशत का जम्प आ सकता है। रिटेल एंड कन्ज्यूमर हायरिंग रिटेल कन्ज्यूमर्स की बढ़ती डिमांड(फरवरी मध्य से) के कारण रहेगी। स्टॉफिंग सॉल्यूशन कम्पनी जीआई गु्रप होल्डिंग के इन्डिया कंट्री मैनेजर के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026 में हायरिंग लेवल दस प्रतिशत बढ़ सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2025 से यह तुलना की गई है। उनके अनुसार सेल्स, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स के मीडियम और लोअर लेवल्स पर यह डिमांड आ सकती है। इंडस्ट्री स्टेंडर्ड से वेतन पांच से दस प्रतिशत बढ़ सकते हैं। रिटेल सेगमेंट में क्विक कॉमर्स प्लेयर्स टीयर टू मार्केट्स में ऑपरेशंस का विस्तार कर रहे हैं और ऐसे में यहां पर अक्रामक रूप से डिमांड आ सकती है। सबसे ज्यादा डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्शन से डिमांड आ सकती है। इसका कारण यह है कि क्विक कॉमर्स प्लेयर्स नये मार्केट्स में डार्क स्टोर्स नेटवर्क को बढ़ा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमने देखा है कि गिग और टेम्पे्ररी वर्कर्स की डिमांड सीजनल रूप से भी बढ़ जाती है। एफएमसीजी कम्पनियां ग्रामीण बाजार में डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूशन, सेल्स और मार्केटिंग का ग्राफ बढ़ा रही है और ऐसे में सेल्स ऑफिस, सप्लाई चेन मैनेजर, मल्टीपल टॉस्किंग एक्जीक्यूटिव्ज की डिमांड यहां पर बढ़ रही है। वी-मार्ट रिटेल, जूडियो, इनट्यून 15 से 55 स्टोर्स को आने वाले छह से आठ माह में शामिल करने की योजना बना रहे हैं। फम्र्स के एक्जीक्यूटिव्ज के अनुसार कन्ज्यूमर्स अनऑर्गेनाइज्ड से ऑर्गेनाइज्ड लेवल पर शिफ्ट हो रहे हैं। छोटे शहरों में उपयोग हेतु बढ़ रही है और कन्ज्यूमर्स वैसा ही रिटेल एक्सपीरियंस चाहते हैं, जैसा शहरों में मिलता है। ऐसे में रिटेलर्स के पास छोटे शहरों के लिये काफी अवसर हंै। अपगे्रड रिकू्रट के फाउंडर और पे्रसीडेंट के अनुसार बैंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर के अलावा मजबूत हायरिंग ट्रेंड कोयम्बटूर और जयपुर में भी नजर आ रहा है। यह हायरिंग हॉस्स्पॉर्ट्स बन रहे हैं। कोलकाता बेस्ड स्टॉफिंग फर्म जीनियस कन्सल्टेंट्स के फाउंडर और चेयरमैन के अनुसार क्विक कॉमर्स के कारण सप्लाई चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स डिमांड बढ़ी है। लास्ट माइल डिलीवरी के लिये कम्पनियां स्टोरेज कैपेसिटीज बढ़ाने पर इन्वेस्टमेंट कर रही है।