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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
The more you sweat in peacetime, the less you bleed during war.
स्वतंत्र के सात मालिक अर्थात जब कोई व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कारोबारी व्यवस्था, समाज व्यवस्था, परिवार व्यवस्था या कोई व्यक्ति स्वतंत्र होता है तो उस पर......
श्रद्धा एक अनुभूति है तथा विश्वास उसकी शक्ति। श्रद्धा व विश्वास एक दूसरे के पूरक हैं जो जितना चाहे इसे बढ़ा सकता है। संतों का कहना है कि मनुष्य आत्मा और...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......